Sunday 27 March 2011

कमलाप्रसाद जी ...विनम्र श्रद्धाजली

१९९२ तारसप्तक अर्धशती वर्ष .. मेरी प्रथम काव्य कृति "आक्रोश " प्रकाशित हुई थी , रींवा में कमलाप्रसाद जी के घर पर उन्हें भेंट की .. उन्होंने हौसला बढ़ाया ,फिर पाठक मंच के आयोजनो में .. जब तब मिलना होता रहा ... बड़े अपनेपन से मेरे तथा पिताजी के लेखन आदि पर हर बार पूछताछ व चर्चा करते थे ... पिताजी की कृति "अनुगुंजन " की भूमिका उन्होनें ही लिखी थी ..
विनम्र श्रद्धाजली
उनका दुखद देहावसान न केवल साहित्य जगत की वरन मेरी व्यक्तिगत क्षति है ...
वहाँ स्वर्ग में होगा उत्सव ,
है यहाँ धरा पर शोक ,
यह बुझा हुआ दीपक भी देगा
युग युग तक आलोक !

Tuesday 15 March 2011

आपदा प्रबंधंन सक्षम हो

आपदा प्रबंधंन सक्षम हो

आपदा प्रबंधंन का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि आज अनेक संस्थायें इस विषय में एम.बी.ए. सहित अनेक पाठ्यक्रम चला रहे है। जापान या अन्य विकसित देषों में आबादी का घनत्व भारत की तुलना में बहुत कम है। अतः वहाॅं आपदा प्रबंधंन अपेक्षाकृत सरल है। हमारी आबादी ही हमारी सबसे बड़ी आपदा है, किंतु दूसरी ओर छोटे-छोटे बिखरे हुए गांवों की बढी संख्या से बना भारत हमें आपदा के समय किसी बडे नुकसान से बचाता भी है।

आम नागरिकों में आपदा के समय किये जाने वाले व्यवहार की षिक्षा बहुत आवष्यक है। संकट के समय संयत व धैर्यपूर्ण व्यवहार से संकट का हल सरलता से निकाला जा सकता है। नये समय में प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ मनुष्य निर्मित यांत्रिक आकस्मिकता से उत्पन्न दुर्घटनाओं की समस्यायें बडी होती जा रही है। जैसे भोपाल गैस त्रासदी हुई थी तथा हाल ही जापान में न्यूक्लियर रियेक्टर में विस्फोट की घटना हुई है। खदान दुर्घटनायें, विमान, रेल व सडक दुर्घटनायें आंतकवादी तथा युद्ध की आपदायें हमारी स्वंय की तेज जीवनषैली से उत्पन्न आपदायें है। प्राकृतिक आपदाओं में बाढ, चक्रवात, भूकंप, सुनामी, आग की दुर्घटनायें सारे देष में जब-तब होती रहती है। इनसे निपटने के लिये सामान्य प्रषासन, पुलिस, अग्निषमन व स्वास्थ्य सेवाओं को ही सरकारी तौर पर प्रयुक्त किया जाता है। जरूरत है कि आपदा प्रबंधंन हेतु अलग से एक विभाग का गठन किया जाये।
फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस से झूठी खबरों के द्वारा मजाक करना, लोगो के असंवेदनषील व्यवहार का प्रतीक है। भेडिया आया भेडिया आया वाला मजाक कभी बहुत मंहगा भी पड सकता है। इंटरनेट, मोबाइल व रेडियो के माध्यम से आपदा प्रबंधंन में नये प्रयोग किये जा रहे है। हमें यही कामना करनी चाहिए कि आपदा प्रबंधंन इतना सक्षम हो जिससे दुर्घटनायें हो ही नहीं।



विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र
अतिरिक्त अधीक्षण इंजीनियर
ओ.बी. 11, एमपीईबी कालोनी
रामपुर, जबलपुर (मप्र) 482008
मो. 9425806252

Friday 4 March 2011

ऐसी बेटियो पर कौन नाज न करेगा

भारतीय कार्पोरेट जगत की कुछ सुप्रसिद्ध महिलायें

विवेक रंजन श्रीवास्तव
ओ बी ११ , विद्युत मण्डल कालोनी ,रामपुर ,जबलपुर म. प्र. ४८२००८

क्या नही महिला करि सकै , क्या नहिं समुद्र समाय ... सामान्यतः माना जाता है कि महिलाओ का कार्पोरेट जगत से भला क्या लेना देना . पर समय बदला है आज नई पीढ़ी की अनेक लड़कियां एम बी ए के सर्वोच्च संस्थानो में उच्च शिक्षा पा रही हैं . पिछली अधेड़ हो चली पीढ़ी में यद्यपि पुरुषों का ही बोलबाला है, किन्तु कुछ महिलाओ ने भी विभिन्न कंपनियो में शीर्ष स्थान अर्जित किया है . ऐसी ही कुछ महिलाओ के में चंदा कोचर , "बायोकॉन" की संस्थापक , किरण मजूमदार शॉ, ब्रिटानिया की सीईओ विनीता बाली , पेप्सी की इंद्रा न्यूई आदि शामिल हैं। विनीता बाली को हाल में ईटी अवॉर्ड्स में बिजनेसवुमेन ऑफ द ईयर का खिताब मिला था। महिलाओ की शीर्ष कार्पोरेट पदो में भागीदारी के चलते , इस साल भारतीय उद्योग जगत की सर्वाधिक शक्तिशाली महिला सीईओ की सूची भी बनाई गई। इसमें शीर्ष तीन स्थानों पर चंदा कोचर, बायोकॉन किरण मजूमदार शॉ और एचएसबीसी की नैना लाल किदवई हैं। भारतीय कार्पोरेट जगत की इन सुप्रसिद्ध महिलाओ के विषय में जानना रोचक है .ये महिलायें विभिन्न धर्म , भाषा भाषी , व देश के अलग अलग क्षेत्रो का प्रतिनिधित्व करती ये महिलायें इस तथ्य की सूचक हैं कि आने वाले समय में समूचे भारत में कार्पोरेट जगत में महिलाओ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित है .यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि इन महिलाओ ने कार्पोरेट जगत के अलग अलग सैक्टर जैसे बैंकिंग , मीडीया , बायोटेक्नालाजी ,स्वास्थ्य आदि विभिन्न क्षेत्रो में अपनी योग्यता से सफलता के परचम लहराये हैं तथा नये कीर्तीमान बनाये हैं . प्रेरणा हैं ये महिलायें नई पीढ़ी की लड़कियो और उनके माता पिता के लिये .

पेप्सी की अध्यक्ष इंद्रा कृष्णमूर्ति न्यूई

पेप्सी मल्टीनेशनल सुप्रसिद्ध ब्रांड है जिसकी अध्यक्ष के रूप इंद्रा न्यूई ने विश्व स्तर पर ख्याति अर्जित की है . उन्हें फार्च्यून द्वारा घोषित ५० सशक्त महिलाओ की सूची में प्रथम स्थान पर रखा गया है .इसी तरह फोर्ब्स द्वारा घोषित विश्व की १०० सशक्त महिलाओ की सूची में भी उन्हें ६ वें स्थान पर रखा गया है . वर्ष २००१ में उन्होने पेप्सी ज्वाइन की . उन्होंने कार्पोरेट जगत में पेप्सी के सुढ़ृड़ विकास से अपनी पहचान बनाई . वे वर्ल्ड ईकानामिक फोरम , इंटरनेशनल रेस्क्यू फोरम , येल कार्पोरेशन आदि संस्थाओ से भी महत्वपूर्ण रूप में जुड़ी हुई हैं .



आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख चंदा कोचर

चंदा कोचर आज एक जाना पहचाना चेहरा है . उन्होने एक प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में 1984 में आईसीआईसीआई में अपने कैरियर की शुरुआत की थी . मई 2009 में प्रबंध निदेशक और आईसीआईसीआई बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद तक पहुँचने में उनकी मेहनत , लगन व काम के प्रति उनकी निष्ठा ही है .कोचर के नेतृत्व के में आईसीआईसीआई बैंक ने भारत में सर्वश्रेष्ठ खुदरा बैंक' और 'रिटेल बैंकिंग में उत्कृष्टता पुरस्कार' जीता. उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है .

हावर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़ी पहली भारतीय महिला नैना लाल किदवई

नैना लाल किदवई ने अपने कैरियर का प्रारंभ ए एन जेड ग्रिंडले से किया था मार्गेन स्टेनली , इन्वेस्टमेंट बोर्ड आफ इंडिया , एच एस बी सी आदि बैंकिंग व वित्तीय संस्थानो में उच्च पदो पर कार्यरत सुश्री नैना लाल किदवई को उद्योग व व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान के लिये भारत सरकार ने पद्मश्री के सम्मान से विभूषित किया है .

एक सफल महिला उद्यमी,"बायोकॉन" की संस्थापक , किरण मजूमदार शॉ

बायोकॉन की संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शॉ को भारत सरकार के द्वारा जैव प्रौद्योगिकी के योगदान के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है , उनकी कंपनी बायोकान जैव प्रौद्योगिकी , जैव दवाओ हेतु समाधान देने वाली कंपनी है.किरण मजूमदार ने १९७८ में इस कंपनी की स्थापना की थी . यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जैव दवा कंपनी है . मधुमेह रोग पर इस कंपनी ने विशद अनुसंधान कये हैं .


भारत के सबसे बड़े मीडिया ग्रुप टाइम्स आफ इण्डिया की अध्यक्ष इंदू जैन

वर्ष २००० में यूनाइटेड नेशन में विश्व शांति सम्मेलन को संबोधित करने का गौरव भारत के सबसे बड़े मीडिया ग्रुप टाइम्स आफ इण्डिया की अध्यक्ष इंदू जैन को मिला था . इंदु जैन स्वयं एक इंटरप्रेनर , एक अध्यात्मवादी, एक शिक्षाशास्त्री , कला और संस्कृति की बड़ी पोषक तथा एक मानवतावादी है.

डाक्टर स्वाति पीरामल

मुम्बई विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई के बाद स्वाती पीरामल ने इंडस्ट्रियल मेडिसिन में अध्ययन किया , हावर्ड विश्वविद्यालय से पब्लिक हैल्थ में मास्टर्स की योग्यता प्राप्त की . वे पीरामल लाइफ साइंसेज की वाइस चेयर परसन तथा पीरामल हैल्थ केयर लिमिटेड की निदेशक हैं . जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका उल्लेखनीय योगदान है .

मल्लिका श्रीनिवासन, निदेशक, ट्रैक्टर एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड

८५ करोड़ के टर्नओवर को २९०० करोड़ वार्षिक के टर्न ओवर में बदलने वाली मल्लिका श्रीनिवासन, निदेशक, ट्रैक्टर एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड के रूप में सुप्रतिष्ठित महिला हैं . उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से एम ए की शिक्षा ग्रहण की , फिरउन्होने बिजनेस मैनेजमैंट की उच्च शिक्षा हेतु पेननसेल्वेनिया विश्वविद्यालय के वार्टस्न स्कूल में दाखिला लिया . शिक्षा के बाद से वे TAFE के अपने पारिवारिक व्यवसाय को सम्भाल रही हैं .

सुलज्जा मोटवानी

कायनेटिक मोटर कम्पनी की मैनेजिंग डायरेक्टर सुलज्जा मोटवानी कायनेटिक फाइनेंस व कायनेटिक मार्केटिंग सर्विसेज की भी देखरेख कर रही हैं . वर्ष २००२ में उन्हें यंग एचीवर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है . प्रसिद्ध समाचार पत्रिका इंडिया टुडे ने उन्हें फेस आफ द मिलेनियम तथा वर्ल्ड इकानामिक फोरम ने ग्लोबल लीडर आफ तुमारो जैसे सम्मानो से नवाजा है . पुणे से बीकाम की पढ़ाई के बाद उन्होने पिट्सबर्ग से एमबीए की शिक्षा ग्रहण की है

अपोलो हास्पिटल्स की मैनेगिंग डायरेक्टर प्रीथा रेड्डी

मद्रास विश्वविद्यालय से कैमिस्ट्री की पढ़ाई के बाद पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की शिक्षा पूर्ण कर , एशिया की सबसे सबल हास्पिटल चेन अपोलो हास्पिटल्स की मैनेगिंग डायरेक्टर प्रीथा रेड्डी ने अपोलो ग्रुप को नये पायदान पर ला खड़ा किया है . उनके मार्गदर्शन में बोन मैरो ट्रांस्प्लांटेशन, कार्ड ब्लड ट्रांस्प्लांटेशन आदि के क्षेत्र में अपोलो हास्पिटल नित नये कीर्तिमान बनाकर जन स्वस्थ्य के महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है व एशिया में नई पहचान बना सका है .

पार्क होटल चेन की चेयर परसन प्रिया पाल

22 वर्ष की कम उम्र में ही अपने पिता का होटल व्यवसाय सम्भालने वाली प्रिया पाल के पिता सुरेन्द्र पाल की हत्या उल्फा उग्रवादियो के द्वारा कर दी गई थी , किन्तु अपने कौशल से प्रिया ने पार्क होटल चेन का सारा वर्तमान साम्राज्य स्थापित किया है . उन्हें यंग एंटरप्रेनर , पावरफुल बिजनेस वुमन , आदि सम्मान मिल चुके हैं .

अब बतलाइये कि ऐसी बेटियो पर कौन नाज न करेगा