Friday 9 May 2008

प्रकाशक चाहिए

आदरणीय महोदय,

विवेक के सारस्वत नमन
मेरी व्यंग कृति "रामभरोसे "को हाल में ही अखिल भारतीय दिव्य रजत अलंकरण प्राप्त हुआ.
मेरी कुछ व्यंग रचनायें आप मेरे ब्लाग http://vivekkevyang.blogspot.com पर देख सकते हैं .
मैं अपने अगले व्यंग संग्रह हेतु प्रकाशक के रूप में आपसे सहयोग का विनम्र आकांक्षी हूँ.

पिताजी प्रो. सी.बी. श्रीवास्तव कृत रघुवंश व मेघदूत के श्लोकशह हिन्दी छन्द बद्ध पद्यानुवाद भी प्रकाशित करवाना चाहता हूँ .
कृपया संपर्क करें , जिससे पाण्डुलिपि प्रेषित कर सकूँ .
सादर ,
भवदीय
विवेक रंजन
०९४२५४८४४५२
vivekranjan.vinamra@gmail.com
Ex. Engineer
Qr. No. - C-6
M.P.S.E.B.Colony , Rampur , JABALPUR (MP)

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