Friday 24 December 2010

बीत जाने को है २०१०.

रामभरोसे मतलब आमआदमी , साल दर साल राम के ही भरोसे जी रहा है . अयोध्या विवाद पर एक फैसला उसके राम के नाम पर जमीन के आबंटन का भी २०१० की बड़ी घटनाओ में है .. खेलो में विश्व रिकार्ड तो बनते टूटते रहेंगे , किन्तु खेलो के आयोजन की व्यवस्थाओ से भ्रष्टाचार को जो सार्वजनिक मान्यता मिल रही है वह दूरगामी कुप्रभाव छोड़ेगी ..विकी लीक्स और नीरा राडिया मीडिया के दो पहलू हैं ..
दरअसल साल तो महज कैलेण्डर के पन्ने हैं उन पर जो इबारत लिखी जाती है ,वह हमारी करतूत है .. और हम बहुत शातिर होते जा रहे हैं ..

2 comments:

सुशील बाकलीवाल said...

2011 का आगामी नूतन वर्ष आपके लिये शुभ और मंगलमय हो,
हार्दिक शुभकामनाओं सहित...
मैं आपके इस ब्लाग को फालो कर रहा हूँ आप भी कृपया मेरे ब्लाग नजरिया को फालो करें । प्रतिक्षा में...
www.najariya.blogspot.com 'नजरिया'

बवाल said...

बजा फ़रमाया आपने। नर्मदे हर।