*सप्तपर्णी सम्मान 2026*
*के लिये प्रविष्टियाँ और अनुशंसाएं आमंत्रित*
_अंतिम तिथि 31.03.2026_
सप्तपर्णी सम्मान, प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘समकालीन प्रेरणा’ के संपादक-प्रकाशक श्री अरुण तिवारी द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती उर्मिला तिवारी की स्मृति में वर्ष 2017 में स्थापित किया गया। श्री तिवारी ने इससे सम्बंधित समस्त कार्रवाइयों के लिए "सम्मेलन" को अधिकृत किया है। इस सम्मान के अंतर्गत रु. 5100/- की राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जाते हैं।
वर्ष 2026 के सप्तपर्णी सम्मानों के अनुशंसाएं आमंत्रित हैं। नियमावली निम्नानुसार है:-
*साहित्यिक - सांस्कृतिक पत्रिका के लिये*
पत्रिका मासिक, द्वैमासिक अथवा त्रैमासिक हो सकती है, लेकिन उसका प्रकाशन नियमित होना चाहिए.इसके प्रमाण स्वरूप पत्रिका के निरंतर प्रकाशित कम से कम 5 अंक अनुशंसा के साथ भेजे जाना चाहिए। पत्रिका साहित्य-कला-संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय किसी व्यक्ति द्वारा ही प्रकाशित की जाती हो। किसी शासकीय अथवा व्यावसायिक संस्थान द्वारा प्रकाशित पत्रिका स्वीकार नहीं की जायेगी। पत्रिका पूर्णत:साहित्यिक / सांस्कृतिक हो, उसमें प्रकाशित सामग्री स्तरीय हो और वह किसी भी तरह के पूर्वाग्रह-दुराग्रह से मुक्त हो। पत्रिका भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के यहां पंजीकृत है - इस आशय के प्रमाण पत्र की स्व सत्यापित छाया प्रति अनुशंसा के साथ संलग्न की जानी चाहिए।
*_अथवा_*
*साहित्यिक - सांस्कृतिक पत्रकारिता के लिये*
यह पुरस्कार साहित्य और पत्रकारिता - दोनों विधाओं को फिर एक दूसरे के करीब लाने का एक विनम्र प्रयास है। यह प्रदेश के ऐसे कलम नवीसों के लिए है, जो साहित्य और पत्रकारिता - दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आवाजाही करते हैं। जो लोग प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया में साहित्यिक - सांस्कृतिक समीक्षा, ऐसे आयोजनों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं, सामयिक परिदृश्य पर आलेख, संवाद, वार्ता, साक्षात्कार, वीडियो, फ़िल्म अथवा ब्लॉग इत्यादि पर काम कर रहे हैं, वे सब इस श्रेणी में शामिल होंगे। इसमें उम्र का कोई बंधन नहीं है, हालांकि वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाती है। इच्छुक या अनुशंसित व्यक्ति को अपने परिचय और अन्य दस्तावेजों के साथ पिछले पांच सालों में प्रकाशित अपनी चुनिन्दा रचनाओं / आलेखों की छाया प्रतियों के पांच सेट अथवा पुस्तक / पुस्तकों की पांच प्रतियां भेजना होंगी।
*लोकभाषा अथवा लोक साहित्य के लिये*
यह सम्मान मध्यप्रदेश की लोकभाषाओं यथा बुन्देली,बघेली,मालवी, निमाड़ी, भीली अथवा गोंडी में सृजन अथवा उनके संरक्षण - संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकार को प्रदान किया जायेगा। यह सम्मान कहानी, उपन्यास, निबंध, नाटक, संस्मरण, कविता और गीत-ग़ज़ल जैसी तमाम विधाओं के लिए है। रचनाकार का समग्र योगदान मूल्यांकन का मुख्य आधार होगा। इसलिए अनुशंसित लेखक की पुस्तकें और प्रकाशित रचनाओं की छायाप्रतियां अवश्य भेजी जानी चाहिये। इस सम्मान के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है, किन्तु वरिष्ठ रचनाकारों को प्राथमिकता दी जायेगी।
*साहित्य को समर्पित रूपांकन के लिये*
यह सम्मान मध्यप्रदेश के उन छायाकारों / चित्रकारों के लिए है, जिनकी कृतियां साहित्यिक रचनाओं और पत्रिकाओं को आकर्षक बनाती हैं। इस श्रेणी में कविता पोस्टर, छाया चित्र, रंगों -रेखाओं अथवा अन्य किसी माध्यम से बने चित्र / कलाकृतियां - जो साहित्यिक पत्रिकाओं / पुस्तकों के आवरण पृष्ठ पर या साहित्यिक रचनाओं के साथ प्रकाशित हों, आमंत्रित हैं। यह सम्मान कलाकार की वरिष्ठता, सक्रियता और कार्य की गुणवत्ता के आधार पर दिया जाता है। प्रकाशित कृतियों की संख्या भी इसके लिए महत्वपूर्ण है। साहित्यिक पत्रिकाओं-पुस्तकों तथा कविता पोस्टरों में कलाकार के नाम का उल्लेख अनिवार्य है।
*भारतीय भाषाओं से/में अनुवाद के लिये*
इस सम्मान का उद्देश्य भारत की विभिन्न भाषाओं के साहित्य के परस्पर अनुवाद को प्रोत्साहित करना है। इस श्रेणी में अनूदित पुस्तकें, अनूदित और मुद्रित रचनाओं की कतरनें तथा डिजिटल मीडिया पर मूल रचना के साथ प्रकाशित अनूदित रचना के स्क्रीनशॉट्स पांच-पांच प्रतियों अथवा सेट्स में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। अनुवाद कार्य मौलिक और गुणवत्तापूर्ण होना तो अनिवार्य है ही, उसकी मात्रा भी महत्वपूर्ण है।
उपरोक्त सभी श्रेणियों में सप्तपर्णी सम्मान मध्यप्रदेश के में जन्मे अथवा कम से कम 10 वर्षों से यहां निवास कर रहे व्यक्तियों और यहां से प्रकाशित पत्रिकाओं के लिए ही है। पिछले पांच साल की अवधि में सम्मेलन से पुरस्कृत / सम्मानित हो चुके व्यक्ति इस सम्मान के पात्र नहीं होंगे, न ही इस सम्मान के लिए चयनित रचनाकार अगले पांच सालों तक सम्मेलन के किसी और पुरस्कार / सम्मान के लिए आवेदन कर सकेंगे। मप्र साहित्यिक पत्रिका की श्रेणी में प्रविष्टि न आने पर अथवा किसी प्रविष्टि के सम्मान योग्य न पाए जाने पर साहित्यिक पत्रकारिता की श्रेणी में प्राप्त अनुशंसाओं को प्राथमिकता दी जाएगी सप्तपर्णी सम्मान की बाकी शर्तें वागीश्वरी पुरस्कार की तरह ही होंगी।
प्रविष्टियाँ और अनुशंसाएं भेजना का पता:
साहित्य मंत्री,
म.प्र.हिन्दी साहित्य सम्मेलन,
मायाराम सुरजन स्मृति भवन,
पी.एण्ड टी.चौराहा,शास्त्री नगर,
भोपाल-462003
फ़ोन: 0755-2773290
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