नुक्कड़ नाटक
( सायबर अपराध पर)
"सावधान अनजाने फोन से"
विवेक रंजन श्रीवास्तव भोपाल
स्थान: किसी व्यस्त चौराहे या बाजार का नुक्कड़
ढोलक, झाल, कुछ रंगीन झंडियाँ और
बोर्ड – "सावधान अनजाने फोन से"
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पात्र:
1. जादूगर – रंगीन कपड़े, चालाक बातों वाला
2. जम्हूरा – जादूगर का सहायक, भोला और मजाकिया
3. साइबर अपराधी – लैपटॉप लेकर घूमता शातिर युवक
4. ठगा गया बुजुर्ग – सरल, मासूम, टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ
5. पुलिस इंस्पेक्टर वर्दी में सख्त लेकिन जागरूक
6. बैंक मैनेजर – जानकार और समझदार
7. भीड़, सहायक कलाकार – जनता के रूप में
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प्रारंभ:
(ढोलक की थाप, जम्हूरा जोर से बोलता है)
जम्हूरा:
आओ मेहरबान
आओ कदरदान
देखो, जादू देखो! ऐसा जादू कि मोबाइल से पैसा ही गायब हो जाए!
(हँसते हुए) लेकिन यह मजाक नहीं, हकीकत है... सावधान हो जाओ आज ही!
(भीड़ इकट्ठा होती है)
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दृश्य 1: जादूगर का जादू
जादूगर (भीड़ को):
भाइयों और बहनों! आज मैं दिखाऊँगा वो जादू जो हर रोज़ आपके मोबाइल पर होता है!
एक कॉल, एक लिंक, और आपकी जेब खाली!
जम्हूरा:
सरकार डिजिटल इंडिया बना रही है, और ये ठग बना रहे हैं डिज़ी-लूटिया!
(जादूगर जेब से मोबाइल निकालता है, और जम्हूरे को कॉल करता है)
जादूगर (फोन पर):
नमस्ते! मैं बैंक से बोल रहा हूँ। आपका KYC अपडेट नहीं है। जल्दी लिंक पर क्लिक करिए।
वरना आप का खाता आज बंद हो जाएगा।
जम्हूरा:
ओह माई गॉड! अभी क्लिक करता हूँ।
(वो क्लिक करता है, स्क्रीन पर “₹25,000 डेबिटेड” का डायलॉग बजता है)
जम्हूरा:
हाय राम! मेरे तो पैसे ही उड़ गए!
जादूगर:
यही तो जादू है। अनजाने कॉल, नकली लिंक, और खाता साफ!
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ढोलक पर गाना
किसी का अनजान फोन न उठाना
लिंक ना खोलना
सेफ रहना ...
दृश्य 2: एक घटना
(बुजुर्ग व्यक्ति घबराया हुआ आता है)
बैंक मैनेजर के पास..
ठगा गया बुजुर्ग आता है।
बेटा, किसी ने मुझे फोन किया। बोला कि बिजली
का बिल नहीं भरा तो लाइन काट दी जाएगी। लिंक भेजा… मैंने क्लिक कर दिया… और सारे पैसे उड़ गए!
साइबर अपराधी (भीड़ में से निकलकर):
धन्यवाद दादाजी! अब मैं अपनी नई बाइक लूँगा आपके पैसों से!
(हँसी उड़ाता है, भीड़ चौंकती है)
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दृश्य 3: पुलिस की एंट्री
पुलिस इंस्पेक्टर:
हॉ... कौन है ये साइबर ठग?
साइबर अपराधी: अरे ठग मत कहिए इंस्पेक्टर
मैं तो डिजिटल इंडिया का कलाकार हूँ साहब। फेसबुक, व्हाट्सएप, फिशिंग लिंक , भोले मूर्ख लोग सब मेरे मंच है।
पुलिस:
और आज ये मंच तुम्हारा जेल होगा!
(हथकड़ी लगाते हैं)
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दृश्य 4: बैंक मैनेजर की समझाइश
बैंक मैनेजर (भीड़ की ओर):
सुनिए नागरिकों!
बैंक कभी OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगता।
कोई भी लिंक अनजाने नंबर से आए, क्लिक न करें।
बिजली, बैंक, सरकारी योजना… ये सब नाम लेकर फ्रॉड होता है।
UPI ऐप में कभी भी जब कहा जाए “पैसा आएगा”। तो किसी को “Pay” वाले लिंक पर टच न करें।
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दृश्य 5: समापन
जादूगर:
तो देखा आपने? ये कोई जादू नहीं, साइबर ठगी है!
जम्हूरा:
और इसके खिलाफ जादू है – जागरूकता!
ठगा गया बुजुर्ग:
अब मैं किसी भी कॉल पर भरोसा नहीं करूंगा!
पुलिस:
और हम सब मिलकर ठगों को पकड़ेंगे।
बैंक मैनेजर:
और बैंक हमेशा आपके साथ है, बस होशियारी रखिए।
(सभी मिलकर बोलते हैं)
“सावधान अनजाने फोन से, जागरूक नागरिक ही सच्चा देशभक्त है!”
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(ढोलक की थाप, नारा लगाते हुए अंत)
"ना दें OTP किसी को,
ना खोलें लिंक अनजान,
ठगी से बचेगा भारत,
जब हर नागरिक हो सावधान!"
विवेक रंजन श्रीवास्तव
भोपाल
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